दो पल दो कि की है यह जिंदगी
इस प्यार को है सदियां काफी नहीं
तो खुदा से मांग लूँ मोहलत में एक नई
रहना है बस यहां अब दूर तुझसे जाना नहीं
जो तू मेरा हमदर्द है सुहाना हर दर्द है|
तेरी मुस्कुराहटें हैं ताकत मेरी मुझको इन्हीं से उम्मीद मिली चाहे करे कोई सितम यह जहां इन में ही है सदा हिफाजत मेरी जिंदगानी बडी खूबसूरत हुई जन्नत अब और क्या होगी कहीं|
जो तू मेरा हमदर्द है सुहाना हर दर्द है|...