चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला, वह मुकाबला जिसमें भारत की पराजय हुई पाकिस्तान के हाथों. यह इसलिए क्योंकि सवाल उठ चुका है क्या चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल मैच फिक्स था|
मैच की शुरुआत से लेकर मैच के खत्म होने तक, मैच में घटित गैर जिम्मेदाराना फैसले भारतीय कप्तान द्वारा लेने की वजह से ही लगता है कि वह सच में चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल मैच फिक्स था वरना भारत जैसी मजबूत टीम पाकिस्तान के हाथों कैसे हार सकती थी ?
कोहली, धोनी और युवराज को आउट होना और उसके बाद जडेजा द्वारा हार्दिक पंड्या को रन आउट करवाना यह सब मैच फिक्स होने की ओर इशारा ही करते हैं|
जिस बेटिंग पिच पर छक्के चोको की बरसात की जा सकती हो वहां पर टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी क्यों नहीं कर सकते| भारतीय कप्तान विराट कोहली द्वारा लिए गए थे उसमें जिम्मेदाराना फैसले भारत की हार के कारण तो है ही साथ में यह भी बताते हैं कि क्या है चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल का मैच फिक्स था|
जिन देशों में करोड़ों अरबों रुपए का सट्टा चलता है वहाँ पर मैच फिक्स होना आम बात है| मान लीजिए अगर उस दिन भारत मैच जीत जाता तो सट्टेबाज़ों को उनकी जीत पर अरबों रुपए का नुकसान हो सकता था क्योंकि पाकिस्तान के बस की बात नही थी कि वह भारत से जीते | उस दिन भारत जीतता ही अगर मैच फिक्स नहीं होता तो|
